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छींक आना कà¥à¤¯à¤¾ है? (What is Sneezing in Hindi?)
नाक में मà¥à¤¯à¥‚कस à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ होती है, जिसके उतà¥à¤¤à¤• और कोशिकाà¤à¤‚ बहà¥à¤¤ संवेदनशील होते हैं, इसलिठकिसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के बाहरी उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤• वसà¥à¤¤à¥ या तेज गनà¥à¤§ के समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• में आने से छींक आती है। जब कोई बाहरी कण जैसे धूल आपकी नाक में घà¥à¤¸ जाता है, तो नाक में गà¥à¤¦à¤—à¥à¤¦à¥€ होती है, और मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के à¤à¤• विशेष à¤à¤¾à¤— में सनà¥à¤¦à¥‡à¤¶ जाता है। इसके बाद मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• मांसपेशियों को बाहरी कण को बाहर निकालने का संदेश देती हैं। इससे छींक आती है। यह कण मà¥à¤à¤¹ और नाक के दरवाजे से तेज रफà¥à¤¤à¤¾à¤° से बाहर आते हैं।
छींक आने के कारण (Sneezing Causes)
छींक आने के ये कारण हो सकते हैंः-
धूल, धà¥à¤à¤† à¤à¤µà¤‚ तेज गनà¥à¤§ के समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• में आने से नाक के à¤à¥€à¤¤à¤° की मà¥à¤¯à¥‚कस à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ हो जाती है, इससे छींक आती है।
पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण यà¥à¤•à¥à¤¤ वातावरण में रहने से।
सरà¥à¤¦à¥€ या जà¥à¤•ाम होने पर छींक आती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम होने पर नाक के अनà¥à¤¦à¤° की मà¥à¤¯à¥‚कस à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ में सूजन आ जाती है।
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ रोगियों में पराग कणों के समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• में आने की वजह से।
किसी दवा के रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ के कारण छींक की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
छींक की समसà¥à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ (Sneezing Symptoms)
जब à¤à¤¸à¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ हो जाठतो छींक को बीमारी मान लेना चाहिà¤à¤ƒ-
आà¤à¤–ों का लाल होना।
नाक से लगातार पानी बहना।
नाक में खà¥à¤œà¤²à¥€ होना।
सिर में दरà¥à¤¦ à¤à¤µà¤‚ à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨
चिड़चिड़ापन
सूंघने की शकà¥à¤¤à¤¿ का कम हो जाना।
छींक की परेशानी के लिठघरेलू उपचार (Home Remedies for Sneezing in Hindi)
आप इन उपायों से छींक की समसà¥à¤¯à¤¾ से निजात (sneezing remedy)पा सकते हैंः-
अदरक बार-बार छींक आने का इलाज में फायदेमंद (Ginger: Home Remedies to Stop Sneezing in Hindi)
à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š अदरक का रस लें। इसमें आधा चमà¥à¤®à¤š गà¥à¤¡à¤¼ मिलाकर दिन में दो बार खाà¤à¤à¥¤ यह छींक की समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत (sneezing remedy) दिलाता है।
दालचीनी का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कर छींक का इलाज (Dalchini: Home Remedy for Sneezing in Hindi)
à¤à¤• गिलास गरम पानी में à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद और आधा चमà¥à¤®à¤š दालचीनी पाउडर मिलाकर पिà¤à¤à¥¤ यह छींक से आराम (sneezing remedy) दिलाता है।
लगातार छींक आने पर हींग से फायदा (Hing:Home Remedies to Treat Sneezing in Hindi)
लगातार छींक आने पर थोड़ी-सी हींग लें। इसकी गंध को सूंघे। यह उपाय आपको बार-बार छींक आने की समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत पहà¥à¤‚चाता है।
बार-बार छींक आने पर पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— (Peppermint: Home Remedy for Sneezing Problem in Hindi)
उबलते हà¥à¤ पानी में पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¥‡ के तेल की कà¥à¤› बूंदे डाल दें। इसका à¤à¤¾à¤ª लें। यह उपाय छींक की समसà¥à¤¯à¤¾ में बहà¥à¤¤ फायदा पहà¥à¤‚चाता है।
लगातार छींक आने पर अजवाइन से लाठ(Ajwain: Home Remedies for Sneezing Treatment in Hindi)
à¤à¤• गिलास पानी में à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š अजवाइन डालकर उबालें। गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ होने पर छान लें। इसमें शहद मिलाकर पिà¤à¤à¥¤
10 गà¥à¤°à¤¾à¤® अजवाइन और 40 गà¥à¤°à¤¾à¤® पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ गà¥à¤¡à¤¼ को 450 मि.ली. पानी में उबालें। जब आधा पानी रह जाà¤, तो पानी को ठणà¥à¤¡à¤¾ होने पर पी लें। इसके बाद हवारहित सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर आराम करें।
हलà¥à¤¦à¥€ के सेवन से छींक का इलाज (Turmeric: Home Remedy for Sneezing in Hindi)
हलà¥à¤¦à¥€ में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से राहत दिलाने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ होती है। à¤à¥‹à¤œà¤¨ में हलà¥à¤¦à¥€ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— अवशà¥à¤¯ करें। इसके साथ ही दूध में हलà¥à¤¦à¥€ डालकर पिà¤à¤à¥¤ छींक के इलाज हलà¥à¤¦à¥€ बहà¥à¤¤ फायदेमंद तरीके से काम करते हैं।
छींक की समसà¥à¤¯à¤¾ में मà¥à¤²à¥‡à¤ ी से फायदा (Mulethi: Home Remedies for Sneezing Treatment in Hindi)
मà¥à¤²à¥‡à¤ ी के चूरà¥à¤£ को पानी में उबालकर काढ़ा बना लें। इसका à¤à¤¾à¤ª लें। मà¥à¤²à¥‡à¤ ी का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— छींक की परेशानी में लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• साबित होती है।
लगातार छींक आने पर यूकेलिपà¥à¤Ÿà¤¸ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• (Eucalyptus: Home Remedy for Sneezing Treatment in Hindi)
उबलते हà¥à¤ पानी में यूकेलिपà¥à¤Ÿà¤¸ के तेल की कà¥à¤› बूंदे डालकर à¤à¤¾à¤ª लें। इससे छींक आने और बंद नाक की समसà¥à¤¯à¤¾ में काफी आराम मिलता है।
बार-बार छींक आने पर नींबू का उपाय फायदेमंद (Lemon: Home Remedies to Treat Sneezing in Hindi)
à¤à¤• गिलास गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद और आधा नींबू का रस मिलाकर पिà¤à¤à¥¤ यह उपाय लगातार छींक आने की समसà¥à¤¯à¤¾ में लाठपहà¥à¤‚चाता है।
छींक आने से परेशान है तो करें लहसà¥à¤¨ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— (Garlic: Home Remedy for Sneezing in Hindi)
लहसà¥à¤¨ की 3-4 कली को पीसकर à¤à¤• गिलास पानी में उबालें। इस पानी को छानकर गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ करके दिन में दो बार पिà¤à¤à¥¤
छींक रोकने के घरेलू उपाय में मेथी का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² (Methi: Home Remedies for Sneezing in Hindi)
दो चमà¥à¤®à¤š मेथी के बीज को पीसकर पानी में उबालें। गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ होने पर इसे पी लें। दिन में दो बार इसका सेवन करने से आराम मिलता है।
छींक को रोकने के लिठसौंफ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² (Saunf: Home Remedies to Stop Sneezing in Hindi)
छींक रोकने के उपाय में से सौंफ चाय फायदेमंद (cheek rokne ke upay) साबित हो सकता है।
à¤à¤• कप पानी में à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š सौंफ डालकर उबालें, और गरम-गरम ही पिà¤à¤à¥¤
छींक रोकने के घरेलू उपाय में सरसों के तेल का उपयोग (Mustard Oil: Home Remedy to Stop Sneezing Problem in Hindi)
सरसों का तेल नाक में 2-3 बूंद डालें। तेल को ऊपर की ओर खींचें। इससे छींक आनी बनà¥à¤¦ हो जाती है। यह बहà¥à¤¤ कारगर उपाय है।
लगातार छींक आने की समसà¥à¤¯à¤¾ से निजात के लिठसंतरे का उपयोग (Orange: Home Remedies to Stop Sneezing in Hindi)
रोज दिन के à¤à¥‹à¤œà¤¨ के बाद à¤à¤• गिलास संतरे का जूस पिà¤à¤à¥¤ इससे छींक और जà¥à¤•ाम से राहत मिलती है। संतरे में विटामिन-सी होता है, जो रोगों से लड़ने में मदद करता है।
बार-बार छींक आने की समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठअनà¥à¤¯ घरेलू उपचार (Other Home Remedies for Sneezing in Hindi)
ये अनà¥à¤¯ घरेलू उपचार à¤à¥€ छींक की परेशानी में बहà¥à¤¤ फायदेमंद होते हैंः-
लागातार छींक आने पर पान के पतà¥à¤¤à¥‡ का रस निकालें। à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š की मातà¥à¤°à¤¾ में दिन में तीन बार पिà¤à¤à¥¤
बार-बार छींक आने पर रूईं में 2-3 बूंद लैवेंडर का तेल लगाकर सूंघें। इससे छींक से राहत मिलती है।
छींक को रोकने के लिठà¤à¤• चावल के दाने के बराबर कपूर को बताशे, या चीनी के साथ खाà¤à¤à¥¤ खाने के बाद पानी पी लीजिà¤à¥¤
इमà¥à¤¯à¥‚निटी बà¥à¤¾à¤•र पाà¤à¤‚ छींक की समसà¥à¤¯à¤¾ से आराम (Boost Immunity to get rid of Sneezing in Hindi)
बार-बार छींक आने की समसà¥à¤¯à¤¾ आमतौर पर सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम होने पर ही होती है. अपनी इमà¥à¤¯à¥‚निटी को बढाकर आप बार- बार होने वाले सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम से बच सकते है। इमà¥à¤¯à¥‚निटी बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठआप कई सारे घरेलू उपाय अपना सकते हैं जैसे कि तà¥à¤²à¤¸à¥€ के काà¥à¥‡ का सेवन, मौसमी फलों का सेवन आदि। इनके सेवन से सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम में आराम मिलता है और छींक आने की समसà¥à¤¯à¤¾ दूर हो जाती है।
छींक की समसà¥à¤¯à¤¾ दूर करने के लिठपिà¤à¤‚ गरà¥à¤® पानी (Drink Hot water to stop Sneezing in Hindi)
गरà¥à¤® पानी का सेवन à¤à¥€ सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम की समसà¥à¤¯à¤¾ में आराम देता है। सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम होने पर नियमित रूप से थोड़ी-थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में गरà¥à¤® पानी का सेवन करते रहें. गरà¥à¤® पानी कफ को जमने से रोकता है और इससे सरà¥à¤¦à¥€ के अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ जैसे कि बार-बार छींक आना, बंद नाक आदि से आराम मिलता है।
यूकेलिपà¥à¤Ÿà¤¸ के तेल से पाà¤à¤‚ बार-बार छींक की समसà¥à¤¯à¤¾ से आराम (Eucalyptus Oil gives relief from Frequent Sneezing Problem in Hindi)
यूकेलिपà¥à¤Ÿà¤¸ का तेल सरà¥à¤¦à¥€ जà¥à¤•ाम की समसà¥à¤¯à¤¾ से आराम पाने का à¤à¤• अचूक उपाय है। यूकेलिपà¥à¤Ÿà¤¸ के तेल को किसी अनà¥à¤¯ तेल के साथ मिलाकर मसाज करने में या फिर पानी की à¤à¤¾à¤ª में यूकेलिपà¥à¤Ÿà¤¸ का तेल डाल कर à¤à¤¾à¤ª लेने से सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम में आराम मिलता है। अगर आपको सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम की वजह से बार-बार छींकें आ रही हैं तो यूकेलिपà¥à¤Ÿà¤¸ के तेल का उपयोग करें।
छींक की समसà¥à¤¯à¤¾ से आराम पाने के लिठकरें कैमोमाइल चाय का सेवन (Drink Chamomile tea to get relief from sneezing problem in Hindi)
कैमोमाइल चाय का सेवन छींक आने (सà¥à¤¨à¥€à¤œà¤¿à¤‚ग) की समसà¥à¤¯à¤¾ में फायदा पहà¥à¤‚चाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कैमोमाइल चाय में à¤à¤‚टीà¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• गà¥à¤£ पाया जाता है। अगर छींक की समसà¥à¤¯à¤¾ किसी à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के कारण हो वाली सà¥à¤¨à¥€à¤œà¤¿à¤‚ग को रोकने में मदद करती है।
छींक से राहत पाने या बचने के उपाय (Prevention Tips to Get Relief from Sneezing in Hindi)
छींक से होने के दौरान या होने से बचने के लिठअपने खान-पान और जीवनशैली में थोड़ा बदलाव लाने पर इस परेशानी से कà¥à¤› हद तक बचा जा सकता है।
खान-पान ( Diet during Sneezing)
छींक की समसà¥à¤¯à¤¾ के दौरान आपका खानपान à¤à¤¸à¤¾ होना चाहिà¤à¤ƒ-
ताजे फल à¤à¤µà¤‚ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का अधिक से अधिक पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें।
मौसमी फलों का सेवन करें।
छींक की समसà¥à¤¯à¤¾ के दौरान आपकी जीवनशैली ( Lifestyle during Sneezing)
छींक की समसà¥à¤¯à¤¾ के दौरान आपकी जीवनशैली à¤à¤¸à¥€ होनी चाहिà¤à¤ƒ-
à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने से पहले, और कहीं बाहर से आने पर सबसे पहले हाथों को अचà¥à¤›à¥€ पà¥à¤°à¤•ार धोà¤à¤à¥¤
धूल à¤à¤µà¤‚ धà¥à¤à¤ वाले सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ पर मासà¥à¤• लगाकर जाà¤à¤à¥¤
सà¥à¤¬à¤¹ नियमित रूप से पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें। विशेषकर अनà¥à¤²à¥‹à¤®-विलोम à¤à¤µà¤‚ कपालà¤à¤¾à¤à¤¤à¤¿ रोजाना आधा-आधा घणà¥à¤Ÿà¤¾ करें। इससे à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• अवसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं में विशेष लाठमिलता है।
छींक दौरान परहेज (Avoid during Sneezing)
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ पैदा करने वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से दूर रहें। इसलिठà¤à¤¸à¥‡ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन ना करें।
ठणà¥à¤¡à¥‡ और जमे हà¥à¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥, बासी, रेफà¥à¤°à¤¿à¤œà¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡, पासà¥à¤¤à¤¾, मूंगफली आदि का सेवन बिलà¥à¤•à¥à¤² ना करें। यह à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ कारक होते हैं।
ठणà¥à¤¡à¥€ और गरà¥à¤® चीजों का à¤à¤• साथ सेवन ना करें।
तीवà¥à¤° गंध वाले परफà¥à¤¯à¥‚म à¤à¤µà¤‚ सैनिटाइजर पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— ना करें।
जंकफूड़ ना खाà¤à¤‚
बाहर की गरà¥à¤®à¥€ वाले वातावरण से आकर à¤à¤•दम से पंखे या à¤.सी में नहीं बैठें। ठणà¥à¤¡à¥‡ पानी से नहीं नहाना चाहिà¤à¥¤
छींक की परेशानी से संबंधित सवाल-जवाब (FAQ Related Sneezing)
छींक कब आती है?
छींक जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° सरà¥à¤¦à¥€ या जà¥à¤•ाम होने पर होती है। इसका मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण वात à¤à¤µà¤‚ कफ विकार होता है। इसके साथ ही शरीर में रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ की कमी और संवेदनशीलता के कारण à¤à¥€ छींक की समसà¥à¤¯à¤¾ देखी जाती है।
छींक कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ आती है?
नाक के à¤à¥€à¤¤à¤° की संवेदनशील मà¥à¤¯à¥‚कस à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ बाहरी धूल के कणों और तीवà¥à¤° गंध से उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ हो जाती है, जिस कारण छींक आती है।
छींक की समसà¥à¤¯à¤¾ को बीमारी कब समà¤à¤¨à¤¾ चाहिà¤?
यदि छींक दो से चार बार हो जाठतो इसमें कोई गमà¥à¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ नहीं है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ लगातार छींक के कारण सिर दरà¥à¤¦ होने लगता है। यदि अधिक देर तक या बार-बार छींक आने लगे तो उपचार की विशेष जरूरत होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह किसी रोग का संकेत à¤à¥€ हो सकती है।
यदि छींक बार-बार या लगातार आ रही हो, तो सरà¥à¤¦à¥€ या वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£ का संकेत हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में लापरवाही करने से रोग और अधिक बढ़ सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
सोते हà¥à¤ अवसà¥à¤¥à¤¾ में छींक कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ नहीं आती है?
छींकते समय पूरे शरीर में à¤à¤• कंपन-सा होता है। आà¤à¤–ें बनà¥à¤¦ हो जाती हैं। सोते समय हमारे शरीर की नसें आराम की अवसà¥à¤¥à¤¾ में होती हैं, इसलिठसोते समय छींक नहीं आती।
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